Saturday, May 17, 2008

कमेन्ट के लिए ........

कमेन्ट ब्लॉग के दुनिया मे जीवनदायनी हे , इसके विना ब्लॉग के अस्तित्व का कोई अर्थ नही है । ब्लॉग के इस जीवनदायनी प्रेरणा के लिए आप सभी को धन्यबाद । अनिल जी आप ने जिस तरह से मुझे और गहरे मे उतरने की प्रेरणा दी हे , उसके लिए मैं आप का आभारी हूँ । मैं ख़ुद और गहरे मैं जा कर लिखना चाहता था किंतु समयाभाव के वजह से नही लिख पाया .
यहाँ एक बात कहना चाहता हूँ , कि भारत मे अभी हालात काबू मे हे किंतु यदि सावधानी से कदम नही बढाये गए तो
आने वाले समय मैं हालात और ख़राब हो सकते हैं । वायदा कारोबार का कीमत गहनता पर कितना असर हुआ हे , अभी इस पर गहराई से अध्ययन होना जरूरी हे । वित्त्यबाज़ार के पोसकों के विश्लेषण को कम से कम मैं सही नही मान सकता , क्योंकि यह बात न तो सैधांतिक स्तर पर , और न ही व्यवहारिक स्तर पर गले उतरती हे कि आभाव मे सट्टेबाजी से कीमत न बढे ।
मुद्दा यह नही हे कि कितना खाद्यान सड़ रहा हे , मुद्दा यह हे कि सरकार यह सब क्यों होने देती हे ?, इसी से जुड़ा हे कृषि कि उपेछा - वेयर हाऊसिंग , फ़ूड प्रोसेसिंग जैसी बुनियादी चीजो के विकास का आभाव । भारत मे सब्जी और फल के सिर्फ़ वेस्टेज को रोक दिया जाए तो हम अफ्रीका कि अवस्यकता कि पूर्ति तो कर ही सकते हैं ।

3 comments:

Udan Tashtari said...

शुभकामनाऐं. लिखिये.

अनूप शुक्ल said...

लीजिये कमेंट। लिखिये।

अभिषेक ओझा said...

हम भी टिपियाये देते है ... लिखिए खूब !