Saturday, May 10, 2008

कीमतों का बढ़ना और कांग्रेस की वापसी मे कोई ट्रेड-आफ सम्बन्ध है -

महंगाई किसी भी सरकार के लिए जी का जंजाल है । कीमतें गिरती हैं तो जनता-भी खुश और सरकार भी खुश । इसीलिए सरकार हर हफ्ते मुद्रा स्फीति के आंकडे प्रस्तुत करती रहती है । लेकिन लोंगो को पता नही क्यों इन आंकडों पर विश्वास नही होता । उनको लगता है कि जिस सरपट गति से कीमतें बढ़ रही है उस गति से तथाकथित मुद्रास्फीति नही बढ़ रही है , जानता का क्या ? वह तो सरकार के आकडो को एक सरकारी पैतेरे बजी से अधिक कुछ भी नही समझती । सब्जी का दाम बढ़ रहा है , दाल,चीनी,तेल इत्यादी का दाम बढ़ रहा है तो महंगाई बढ़ रही है , अब मुद्रास्फीति बढे या न बढे इससे जानता का कोई सरोकार नही है । उसे तो सिर्फ़ इतना मालूम है कि महंगाई बढ़ रही है ...........................................क्रमशः

Friday, May 9, 2008

उत्तर प्रदेश की राजनीति पर एक पत्रिका

मित्रो , जुलाई से एक और पत्रिका हिन्दी पत्रिका के भीड़ मे शामिल होने जा रही है , लेकिन भीड़ से अलग करने का प्रयास किया जा रहा है । इस पत्रिका के बारे में कुछ खास बातें

१- ये विशुद्ध राजनीतिक पत्रिका होगी।
2- शुरुआत में ये पत्रिका उत्तर प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों पर ही केंद्रित होगी।
आपसी सहमति के आधार पर इस पत्रिका के पांच प्रमुख हिस्से होंगे।

पहला - पार्टी , उनके एजेंडे , उनकी गतिविधिया तथा आगामी कार्यक्रम से संबंधित खबरें, विश्लेषण एवं रिपोर्ट होगी

दूसरा- प्रदेश सरकार की नीतियों, उसके किसी एक मंत्रालय की कार्य प्रणाली, लोकहित में उठाए गए कदम, प्रशासनिक कार्यविधि की समीक्षा। प्रत्येक अंक मे सरकार के किसी एक विभाग की वृहद् समीक्षा।

तीसरा- स्थानीय सरकार ( पंचायती राज संस्थाओं ) के सन्दर्भ में समाचार, विश्लेषण होंगे
चौथा- आने वाले लोक-सभा के चुनाव के मद्देनज़र - परिसीमन के बाद बनने वाले नए समीकरणों का लेखा-जोखा होगा

चौथा- इस चुनाव में उभरने वाले नए नेताओं के लिए एक पूरा पेज होगा

पांचवा- चुनावी मैनेजमेंट कैसे किया जा सकता है। इस पर एक्सपर्ट्स की राय

इसके अलावा कुछ स्थाई स्तम्भ होंगे जैसे- प्रेरक प्रसंग , राज-काज आदि॥

इस पत्रिका की पूरी रूप रेखा आपके सामने है। आप इसकी खामियों, इसकी मजबूती का आंकलन कर सकते हैं । सभी पाठकों से इसपर सुझाव आमंत्रित है , हमें बहुत खुशी होगी ।