बहन जी एक वर्ष पहले गुंडागर्दी , अराजकता, भ्रष्टाचार , छिनोती, बलात्कार के माहोल मे राज गद्दी पर आरूढ़ हुई थी । तब से उत्तरप्रदेश मे काफी परिवर्तन आ चुका है । गुंडे बिल मे घुस गए या अपना चोला बदल लिए , यह मैं ठीक से नही कह सकता , किंतु इतना तो सत्य है की उनका स्वर्णकाल गुजर चुका है ।
रही विकाश की बात तो बहन जी ने इसके लिए ठोस पहल की हैं , और अपने उन तमाम गलतीओं को जो जाने अनजाने मे पिछले शासन काल मे हो गई थी उसको सुधार रही हैं । अम्बेडकर मैदान /पार्क को डायनामाईट से उडाकर पुनः भभ्य पार्क बना रही हैं , उसमे हजारों लोगों को रोजगार मिला हुआ है , करोडो का कमिसन इंजीनियरों और अधिकारिओं मे बटा, इससे यह इंगित होता है की उन्हें सर्व समाज की फिक्र है । दलितों को रोजगार और कुलीन को कमीसन (यह वर्गीकरण जातिगत न हो कर वर्गगत है । )।
रही बात भ्रष्टाचार की तो बहन जी ने इसे और अधिक संस्थागत बनाने और लोकतंत्र के पांचवे खम्भे के रूप मे विकसित करने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ हैं । इस वर्ष उन्होंने करोडो का आय कर दिया और यह आय उन्हें उत्तर प्रदेश मे एक वर्ष के सुशासन के पारितोषक स्वरूप प्राप्त हुआ है ।
अधिकारिओं को बहन जी से स्थानान्तरण को लेकर बड़ी शिकायत थी । इसका ध्यान रखते हुए बहन जी ने एक वर्ष पूरे होने पर स्थानांतरण निति की बाकायदा घोषणा की . सभी स्थानांतरण ३० जून तक हो जाने हैं , और साथ ही उसमे एक क्लाज यह भी है कि बिना मंत्री के अनुमोदन के कोई भी ( समूह ख तक ) स्थानांतरण नहीं हो सकता । इस समय मंत्री जी के वहाँ पर्व का माहोल है । ज्यादा लाओ ज्यादा पाओ के सिद्धांत पर तबादला हो रहा है ।
क्रमश
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Monday, May 19, 2008
Friday, May 9, 2008
उत्तर प्रदेश की राजनीति पर एक पत्रिका
मित्रो , जुलाई से एक और पत्रिका हिन्दी पत्रिका के भीड़ मे शामिल होने जा रही है , लेकिन भीड़ से अलग करने का प्रयास किया जा रहा है । इस पत्रिका के बारे में कुछ खास बातें
१- ये विशुद्ध राजनीतिक पत्रिका होगी।
2- शुरुआत में ये पत्रिका उत्तर प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों पर ही केंद्रित होगी।
आपसी सहमति के आधार पर इस पत्रिका के पांच प्रमुख हिस्से होंगे।
पहला - पार्टी , उनके एजेंडे , उनकी गतिविधिया तथा आगामी कार्यक्रम से संबंधित खबरें, विश्लेषण एवं रिपोर्ट होगी
दूसरा- प्रदेश सरकार की नीतियों, उसके किसी एक मंत्रालय की कार्य प्रणाली, लोकहित में उठाए गए कदम, प्रशासनिक कार्यविधि की समीक्षा। प्रत्येक अंक मे सरकार के किसी एक विभाग की वृहद् समीक्षा।
तीसरा- स्थानीय सरकार ( पंचायती राज संस्थाओं ) के सन्दर्भ में समाचार, विश्लेषण होंगे
चौथा- आने वाले लोक-सभा के चुनाव के मद्देनज़र - परिसीमन के बाद बनने वाले नए समीकरणों का लेखा-जोखा होगा
चौथा- इस चुनाव में उभरने वाले नए नेताओं के लिए एक पूरा पेज होगा
पांचवा- चुनावी मैनेजमेंट कैसे किया जा सकता है। इस पर एक्सपर्ट्स की राय
इसके अलावा कुछ स्थाई स्तम्भ होंगे जैसे- प्रेरक प्रसंग , राज-काज आदि॥
इस पत्रिका की पूरी रूप रेखा आपके सामने है। आप इसकी खामियों, इसकी मजबूती का आंकलन कर सकते हैं । सभी पाठकों से इसपर सुझाव आमंत्रित है , हमें बहुत खुशी होगी ।
१- ये विशुद्ध राजनीतिक पत्रिका होगी।
2- शुरुआत में ये पत्रिका उत्तर प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों पर ही केंद्रित होगी।
आपसी सहमति के आधार पर इस पत्रिका के पांच प्रमुख हिस्से होंगे।
पहला - पार्टी , उनके एजेंडे , उनकी गतिविधिया तथा आगामी कार्यक्रम से संबंधित खबरें, विश्लेषण एवं रिपोर्ट होगी
दूसरा- प्रदेश सरकार की नीतियों, उसके किसी एक मंत्रालय की कार्य प्रणाली, लोकहित में उठाए गए कदम, प्रशासनिक कार्यविधि की समीक्षा। प्रत्येक अंक मे सरकार के किसी एक विभाग की वृहद् समीक्षा।
तीसरा- स्थानीय सरकार ( पंचायती राज संस्थाओं ) के सन्दर्भ में समाचार, विश्लेषण होंगे
चौथा- आने वाले लोक-सभा के चुनाव के मद्देनज़र - परिसीमन के बाद बनने वाले नए समीकरणों का लेखा-जोखा होगा
चौथा- इस चुनाव में उभरने वाले नए नेताओं के लिए एक पूरा पेज होगा
पांचवा- चुनावी मैनेजमेंट कैसे किया जा सकता है। इस पर एक्सपर्ट्स की राय
इसके अलावा कुछ स्थाई स्तम्भ होंगे जैसे- प्रेरक प्रसंग , राज-काज आदि॥
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